शनिवार, 2 अगस्त 2008

मैरीन ड्राइव पे सैर , अल्लाह करे खैर

आओ मैरीन ड्राइव पे टहलें मेरी जानम ,
बारिश तो है बेशक , पर इनकार ना करना ।
मैं तुम्हे भूल जाऊं ये मुमकिन नहीं ,
तुम भी किसी और से प्यार ना करना।
पांव नाज़ुक है , सड़क ठीक नहीं है ,
पैदल जो चलो तेज़ अपनी रफ्तार ना करना
जब कोई दुःख हो तो दे देना तुम मुझको ,
अपने मन में दुःख का पहाड़ ना करना ।
मुझे कुछ काम नहीं सिवा तुझे याद करने के,
तुम भी मुझे याद करनेके सिवा कुछ काम ना करना।
सूखी हुयी है आँख , ये तो बरसों से नहीं है रोई,
इन् आंखों से आंसुओं की तुम बरसात न करना।
मैं चुपचाप तुम्हारे ख्याल में आऊंगा रात दिन,
तुम भी ख्यालों में मेरे बेआवाज़ ही चलना।
मैं सूरज सा रोशन करूँ दुनिया तेरी हरदम ,
तुम चाँद सा हरदम मेरे जीवन में बने रहना ।