गुरुवार, 3 जुलाई 2008


मेरे बच्चे मेरे कलेजे टुकड़े ,चैन की नींद में तू है गाफिल
पापा के सीने से लग केर,तू फरिश्तों में हो गया शामिल
मेरी धडकनों को सुन कर तू मंद मंद मुस्काता है ,
तुझे देख केर खुदा भी न जाने क्यूँ शर्माता है,
मेरे बच्चे मेरे लखते-जिगर ,तू आया है जीवन में उजाला लिए,
तुझे पा कर यूँ लगा मुझको, खुदा ने सारी मुझे ही हैं दिए।
तू जो आया तो जीवन में बहार आयी, हवा आयी और घटा भी आयी
तेरे आने ऐ मेरे बच्चे ,हर तरफ़ बस खुशियाँ ही हैं छाई.