मेरे बारे में

मेरा फोटो
मैं अभी भी अपने व्यक्तित्व की तलाश में भटक रहा हूँ...बचपन से एक निर्बाध झरने सा जंगल पहाड़ों को चीड़ते हुये बहते रहना मुझे हरदम अच्छा लगता था...तितलियों को उड़ते हुये देखता तो मन ललच जाता था उनके पंख चुराने को...कान्हा का मोरपंख मेरे मानस मे सबसे ज्यादा उपयुक्त वस्तु था खुद के शृंगार का...और बंसी की धुन पर राधा का नृत्य मन को उल्लासित करने का सबसे आसान उपाय...आज भी मेरे लिए ये सारे मौजूद हैं...ये हैं मेरी कल्पना में तो मैं हूँ...

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

आखरी मुलाकात

वो मुझसे मिल कर घर गया होगा,
और फिर बिस्तर पे गिर गया होगा।
दिल कब से उसका भरा भरा होगा,
उसने रो कर तकिया भिगोया होगा।
ये मुलाकात आखरी मुलाकात हो शायद ,
यह सोच कर वो चुप हो गया होगा ।
वो जानता है की उसके बिन शायद,
ये शख्स बिलकुल ही मर गया होगा।
देखता रहता है रात दिन उसकी तस्वीर,
उसकी जुल्फों में वो बादल हो गया होगा।
उसके होठों पे रख के उँगलियाँ अपनी,
वो खामोशियों में उसको सुन रहा होगा।
उसे उसकी आदत हो चुकी है अब हर पल,
आवारा सा हर जगह उसे ढूंढ रहा होगा ।
हर एक आहट पे अपने दरवाज़े पे आके ,
शब के सन्नाटों में उसको तलाशता होगा।
वो आएगा ,ज़रूर आएगा फिर लौट कर ,
उसने मन ही मन दिल से ये कहा होगा ।
आँखें उफनती सागर सी हैं उसकी और,
उसमे घुल कर वो काजल सा बह गया होगा,
थरथराते लब से उसका नाम लेकर फिर वो ,
खुद ही उसकी प्रतिध्वनि वो सुन रहा होगा ।
वो जानता है की उसके बिन जी नहीं पायेगा,
जीने के वास्ते यादों के फूल वो चुन रहा होगा।
वो शख्श तेरा दीवाना है अपने ही किस्म का ,
अपनी दीवानगी का किस्सा वो बुन रहा होगा।

12 टिप्पणियाँ:

  1. आखिरी मुलाकात का बहुत ही मार्मिक चित्रण किया है।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  2. जीने के वास्ते यादों के फूल को चुन कट सहेज कर रखना पड़ता है .उसकी खुशबू को हमेशा नथुनों में महसूस किया जाता है . अच्छा लिखा है. उम्दा , बेहतरीन

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही भावपूर्ण रचना.... सारे भावो को एक रचना पिरो दिया आपने...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  4. आखिरी मुलाकात में भी दूसरे का ख्याल...प्रभावित करने वाला है...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  5. Lagta hai kafi vyst hain .. sab thik to hai na ... aap jald aayen aisi shubhkamna hai hamaari..

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  6. आप इतना व्यस्त है कि ब्लॉग पर बिलकुल नहीं आ पाते हैं . कुछ रचना डालिए .आपको भी अच्छा लगेगा .

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. pukar ansuni nahi kar paaya...koshish karunga ki apni rachnadharmita ko nibhata rahun...jagane ke liye shukriya.

      हटाएं
  7. बहुत ही सटीक और भावपूर्ण रचना। धन्यवाद।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं