गुरुवार, 4 सितंबर 2008

चीरा चिरी संवाद

मैं तुम्हारे लिए खुदा से क्या मांगता हूँ, तुम्हारी सलामती की दुआ मांगता हूँ।
अगर अनजाने में तुमसे खता हो जाए, तो ख़ुद के लिए उसकीं सज़ा मांगता हूँ।
मैं जानता हूँ की तुम नही हो मेरे, पर मैं हमेशा खुदा से तेरा साथ मांगता हूँ।
हर रोज़ अपनी दुआओं में मैं यारब , खुदा से हर जनम तेरा हाथ मांगता हूँ।
*************************************************************
सुबह चिड़ा चिड़ी को उठा रहा अधिकार से ,कहके गुड मोर्निंग उसकी पलकें चूमे प्यार से ,
फिर चिड़ा चिड़ी को पिला रहा है चाय, चिड़ी प्यार से कहती उसको “हाए”।
**********************************************************
चिड़ा बोले चिड़ी से गुड नाइत मेरी जान, आओ तुझको प्यार कर दूर करूँ थकान।
चिड़ी बोले चिड़ा से गुड नाइत मेरे प्यार, तुमसे मेरी ज़िन्दगी में आए है बहार।
************************************************************
चिरा बोले चिड़ी से चलो चाँद के पार, वहां करेंगे जाकर हम ढेर सारा प्यार।
चिड़ी बोले चिड़ा से हम भी हैं तैयार, आके अपनी बाँहों में ले लो तुम दिलदार।
**********************************************************
चिड़ा बोले चिड़ी से आ तुझको प्यार करूँ, फूलों से तारों से तेरा श्रृंगार करूँ।
चिरि बोले चिड़ा से मैं तेरा इंतज़ार करूँ, जो तू आजाये तो बाँहों का हार करूँ।
************************************************************
चिड़ी बोले चिड़ा से तुझबिन मैं उदास,मिल जाती खुशिया जो तुम होते मेरे पास।
चिड़ा बोले चिड़ी से मैं हूँ तेरे पास, धड़का दूँ तेरे दिल को महका दूँ तेरी मैं स्वास।
***********************************************************
चिड़ा बोले चिरि से तू है मेरी जान, तू फूलों की खुशबु तू कोयल की तान।
चिड़ी बोले चिड़ा से तू है दिल की धड़कन, तू ही है मेरी आत्मा, तू मेरा पावन मन।
***************************************************************
चिड़ी बोले चिड़ा से तू मेरा श्रृंगार, तू सतरुंगे सपने तू फूलों की बहार।
चिड़ा बोले चिड़ी से तुम सावन की फुहार, तुम सर्दी की धुप तुम गर्मी की सर्द बयार।
*****************************************************************
चिड़ा बोले चिड़ी से, तू है बड़ी अनूप, तू है मेरे जीवन की सुबह सुबह की धुप।
चिड़ी बोले चिड़ा से तू है मस्त मलंग, तुझसे मेरे जीवन में छाया है हेर रंग।
*****************************************************************